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Jashne-Azadi: देश की इस वीर बेटी को सलाम, अंतरिक्ष में जाने वाली कल्पना चावला के बारे में

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मोहित नागर
मोहित नागर
मोहित नागर एक कंटेंट राइटर है जो देश- विदेश, पॉलिटिक्स, एंटरटेनमेंट, हेल्थ और वास्तु से जुड़ी खबरों पर लिखना पसंद करते हैं। उन्होंने डॉ० भीमराव अम्बेडकर कॉलेज (दिल्ली यूनिवर्सिटी) से अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। मोहित को लगभग 3 वर्ष का समाचार वेब पोर्टल एवं पब्लिक रिलेशन संस्थाओं के साथ काम करने का अनुभव है।

भारत में महिलाओं ने कई मुकाम हासिल किए हैं। महिलाएं आज केवल घर में काम करने के लिए ही नहीं बल्कि चांद तक जाने का हौसला रखती हैं। आज हम बात करेंगे ऐसी ही एक महिला के बारे में। जी हां, 17 मार्च 1962 को भारत (India) के हरियाणा (Haryana) के करनाल जिले में जन्मी कल्पना चावला (Kalpana Chawla) ने चांद तक पहुंचकर एक ऐसी मिसाल कायम की है जिसने देश की लाखो बेटियों को आगे बढ़ने का हौसला दिया है। उनके पिता का नाम बनारसी लाल चावला और मां का नाम संज्योती था। हरियाणा की इस बेटी ने अपने जीवन में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं। भले ही 1 फरवरी 2003 को कोलंबिया स्पेस शटल के दुर्घटनाग्रस्त होने के साथ कल्‍पना की उड़ान रुक गई लेकिन आज भी वह दुनिया के लिए एक मिसाल हैं। कलपना चावला अंतरिक्ष में जाने वाली प्रथम भारतीय महिला थी। कल्पना चावला जब पहली बार अंतरिक्ष पर पहुंची तब हर देशवासियों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। सालों बाद भी कल्पना देश की करोड़ों महिलाओं के लिए मिसाल हैं। उनका कहना था कि, ‘मैं अंतरिक्ष के लिए ही बनी हूं’।

उन्हें बचपन से ही अंतरिक्ष और फ्लाइट में जानें का शौक था। अंतरिक्ष में जाने का सपना देखने वाली कल्पना चावला ने इस सपने को पूरी तरह से जीया है। कल्पना की शुरुआती शिक्षा करनाल के टैगोर बाल निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल से हुई। बचपन से ही विज्ञान में रुचि होने के कारण, उन्होंने फ्लाइट इंजीनियर करने के लिए पंजाब के एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लिया। उच्च शिक्षा के लिए कल्पना टेक्सास विश्वविद्यालय चली गईं, जहां उन्होंने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विषय से एम ए किया।

साल 1988 में कल्पना चावला को NASA के एम्स रिसर्च सेंटर में काम करने का मौका मिला। उन्होंन जमकर मेहनत की और कभी हार नहीं मानी, साल 1995 में उन्हें अंतरिक्ष में जानें का मौका मिला। इसी दौरान उन्होंने फ्रांस के रहने वाले जीन पियर से शादी की।

कल्पना चावला केवल एक बार नहीं , बल्कि 2 बार अंतरिक्ष में गई हैं। पहली बार वो 19 नवंबर साल 1997 में गई थीं और 5 दिसंबर तक 1997 को वापस लौटी थीं। इसके बाद 16 जनवरी 2003 को कल्पना ने अपनी दूसरी बार अंतरिक्ष में गई। यह मिशन 16 दिन का था। मिशन के दौरान उन्होंने अपने सहयोगियों संग कई परीक्षण किए। लेकिन, 1 फरवरी को यात्रा के दौरान वापसी करते हुए उनका शटल दुर्घटना ग्रस्त हो गया, जिसे कल्पना चावला समेत 6 अंतरिक्ष यात्रियों की मौत हो गई।

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हमारे देश को आज़ाद हए 75 साल हो गए हैं। इस खास मौके पर हम देश की उस वीर बेटी को सलाम करते हैं।

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