क्या आप जानते हैं बुखार आने की असल वजह क्या है? आइए जानें इसके लक्षण, कारण और इससे बचने के उपाय

क्या आप जानते हैं बुखार आने की असल वजह क्या है? आइए जानें इसके लक्षण, कारण और इससे बचने के उपाय

Must read

शुभम सिंह
शुभम सिंह
शुभम सिंह शेखावत हिंदी कंटेंट राइटर है। वह कई टॉपिक्स पर आर्टिकल लिखना पसंद करते है जैसे कि हेल्थ, एंटरटेनमेंट, वास्तु, एस्ट्रोलॉजी एवं राजनीति। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वह कई समाचार वेब पोर्टल एवं पब्लिक रिलेशन संस्थाओं के साथ काम कर चुके है।

इन दिनों कोरोना का कहर फिर लौट आया है। कई लोग इसकी चपेट में आए और कई लोगों ने इसके कारण अपनों को खो दिया। कोविड-19 वायरस, अलग-अलग लोगों को अलग-अलग तरह से प्रभावित करता है। संक्रमित हुए ज़्यादातर लोगों को थोड़े से लेकर मध्यम लक्षण तक की बीमारी होती है और वे अस्पताल में भर्ती हुए बिना ठीक हो जाते हैं। इसके आम लक्षण में बुख़ार, खांसी, थकान, स्वाद और गंध न पता चलना होता है। कोरोना के अलावा बुखार और भी कई कारणों से होता है। कभी मौसम बदलने के कारण तो कभी AC से धूप में आने के कारण ये कुछ आम कारण हैं जिनकी वजह से बुखार महसूस होता है। इसके अलावा भी कई ऐसा वजह है, जब बुखार होने लगता है। आइए यहां जानें बुखार से जुड़ी हर ज़रूरी बातें।

Table of Contents

बुखार आने का कारण

बुखार सबसे जादा पायी जानेवाली स्वास्थ्य समस्या है। बुखार की स्थिति आमतौर पर कीटाणुओं के संक्रमण से होता है। यह तब बनता है जब हमारे शरीर में मौजूद ऐंटिबॉडी बाहर से आए हुए वायरस या बैक्टिरिया या किसी भी तरह के इन्फेक्शन से लड़ने में असफल हो जाते हैं। सरल भाषा में कहें तो जब शरीर में वायरस की संख्या को काबू में करने का एकमात्र तरीका होता है शरीर का तापमान बढ़ना। जब शरीर का तापमान बढ़ता है तो हमारे शरीर में मौजूद हार्मोंस और एंजाइम की ऐक्टिविटी धीमी होने लगती है और हम सुस्त पड़ जाते हैं। अगर ऐंटिजेन का प्रॉडक्शन धीमा हो जाए या रुक जाए तो बुखार का बढ़ना भी रुक जाता है। लेकिन इन्फेक्शन ज्यादा है तो फीवर 104, 105 डिग्री तक चला जाता है। कुछ संक्रमणों में सफेद रक्त कोशिकाओं के साथ सम्पर्क से बुखार करने वाले पदार्थ पैदा होते हैं। ये पदार्थ मस्तिष्क के तापमान केन्द्र को प्रभावित करते हैं और इससे बुखार हो जाता है। अगर मस्तिष्क के इस केन्द्र पर कोई चोट लग जाए तो इससे भी बुखार हो जाता है। बुखार का तापमान नापने के लिए थर्मामीटर का इस्तेमाल करते है। हल्के बुखार के ज्यादातर एक-दो दिन में ही सुलझ जाते हैं। लेकिन अगर यह 107 F या उससे अधिक का होता है, तो मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा सकता है।

बुखार के लक्षण क्या हैं ?

  • अचानक ठंड लगना
  • शरीर का तापमान बढ़ना
  • ज्यादा पसीना आना
  • कांपना
  • दांत किटकिटाना
  • त्वचा गर्म महसूस होना
  • गाल लाल या गुलाबी रंग का होना
  • ठंड लगना
  • सिरदर्द और शरीर में दर्द

बुखार का इलाज कैसे करें ?

अगर आपको बुखार महसूस हो तो खुद से दवाई लेने के बजाए सबसे पहले डॉक्टर को दिखाएं। इसके अलावा बुखार में ठंडे पानी की पट्टियां माथे पर रखें इसके अलावा तुलसी और गिलोय की पत्तियों के काढ़े का सेवन करने से भी आराम महसूसस होता है।

बुखार से कैसे बचे ?

बुखार से खुद को बचाए रखने के लिए कहीं बाहर, शौचालय, ज्यादा भीड़ वाली जगह आदि से आने के बाद अपने हाथों को हमेशा साफ रखें। हाथ साफ रखने के लिए Hand Sanitizer का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

More articles

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

- Advertisement -

Latest article