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International Yoga Day: 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस क्यों मनाया जाता है। जानें साल 2022 की थीम

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मोहित नागर
मोहित नागर
मोहित नागर एक कंटेंट राइटर है जो देश- विदेश, पॉलिटिक्स, एंटरटेनमेंट, हेल्थ और वास्तु से जुड़ी खबरों पर लिखना पसंद करते हैं। उन्होंने डॉ० भीमराव अम्बेडकर कॉलेज (दिल्ली यूनिवर्सिटी) से अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। मोहित को लगभग 3 वर्ष का समाचार वेब पोर्टल एवं पब्लिक रिलेशन संस्थाओं के साथ काम करने का अनुभव है।

2015 से हर साल 21 जून को इंटरनेशनल योगा डे मनाया जाता है। 2014 में यूएन जनरल असेंबली में इसकी स्थापना की गयी थी। योग एक शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है जिसकी उत्पत्ति भारत में हुई थी। भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में अपने संयुक्त राष्ट्र के संबोधन में, 21 जून की तारीख का सुझाव दिया था, क्योंकि यह उत्तरी गोलार्ध में वर्ष का सबसे लंबा दिन है, जो दुनिया के कई हिस्सों में एक विशेष महत्व रखता है।

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इंटरनेशनल योगा डे की डेट 21 जून ही क्यों है

दरअसल इसके पीछे एक विशेष कारण है. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में यूएन जनरल असेंबली के 69वें सत्र में भाषण देते हुए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था. जिस पर सिर्फ 3 महीने के अंदर बहुमत के साथ 11 दिसंबर 2014 को योग दिवस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया।

वहीं 21 जून 2015 को पहला इंटरनेशनल योगा डे मनाया गया था। इसकी शुरुआत 2015 को हुई थी, और हर साल को इस दिन योग दिवस के रुप में मनाया जाने लगा।

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क्या है योग दिवस का महत्व

योग की शुरुआत भारत में कई सालों पहले हुई है। योग एक शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है। योग दिवस के दिन लोगों में योग अभ्यास के प्रति जागरुकता फैलाई जाए, यही इसका महत्व है। क्योंकि, आजकल शारीरिक सम्सयाएं बढ़ रही है, योग, प्राणायाम और योगासनों का अभ्यास करके हम अपने शरीर को स्वस्थ बना सकते हैं।

इंटरनेशनल योगा डे 2022 की थीम क्या है

यूएन के अनुसार इस बार इंटरनेशनल योगा डे 2022 की थीम ‘मानवता के लिए योग है। इसके साथ-साथ योग दिवस की थीम ‘योगा फॉर ह्यूमैनिटी’ भी चुनी गई है। क्योंकि कोरोना महामारी ने ना सिर्फ हमारे शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि ये हमें चिंता, अवसाद जैसी मानसिक समस्याएं भी दकर गया हैं। जो कि इस समय सबसे बड़ी चुनौती है. आपको बता दें कि योग का मूल सार सिर्फ शरीर को स्वस्थ रखना नहीं है बल्कि दुनिया भर में मानवीय रिश्तों को संतुलित करना है।

हर साल 21 जून को योग दिवस मनाने के मुख्य कारण है कि साल के इस दिन सूर्य की किरणें सबसे ज्यादा देर तक धरती पर रहती हैं। 21 जून को ग्रीष्म संक्राति को सूर्य दक्षिणायन हो जाता है। भगवान ने शिव ने अपने सात शिष्यों को पहली बार योग की दीक्षा दी इसके बाद आने वाली पूर्णिमा को दी थी.

‘‘अग्निपथ योजना’’ के खिलाफ देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों हो रहें है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देशवासियों से ‘‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’’को सफल बनाने की अपील की है।

पीएम मोदी कहां मनाएंगे योग डे

इस बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर कर्नाटक के मैसूर पैलेस मैदान में सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किया गया है। पीएम मोदी इस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस योग मैसूर पैलेस में मनाएंगे। फिलहाल ‘‘अग्निपथ योजना’’ का बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और तेलंगाना आदि राज्यों में विरोध प्रदर्शन चल रहा है।

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