fbpx

अपने एक बयान को लेकर विवादों में घिरी भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर, कहा “सुबह पांच बजकर कुछ मिनट से बहुत जोर-जोर से आवाजें आती हैं, जो कि बीमार लोगो के लिए विघ्न पैदा करती है”

Must read

- Advertisement -

मध्य प्रदेश की भोपाल संसदीय सीट से भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर मालेगांव बम विस्फोट मामले में एक लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया का सामना कर चुकी है और अक्सर उनके बयानों के चलते विवाद होते रहते है। इसी के बीच अब उनका एक नया बयान सामने आया है, जिसपर अब एक नया विवाद खड़ा कर हो गया है।

दरअसल हुआ कुछ ऐसा कि, आभोपाल में राममंदिर को लेकर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें प्रज्ञा सिंह ठाकुर भी हिस्सा लेने पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने अजान का जिक्र किए बिना ही इससे होने वाले शोर से परेशानी का जिक्र किया।
प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि, सुबह पांच बजकर कुछ मिनट से बहुत जोर-जोर से आवाजें आती हैं, और आवाजें लगातार चलती रहती हैं, नींद खराब होती है। बहुत से लोग बीमारियों से ग्रस्त होते हैं, उनका भी बीपी बढता है उन्हें रात में नींद नहीं आती। जब सुबह होती है आवाज विघ्न पैदा करती है।

इस दौरान प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने आगे कहा कि, जो साधु सन्यासी होते हैं उनकी ध्यान साधना का समय भी सुबह चार बजे ब्राह्म मुहूर्त से होता है, प्रथम आरती का समय भी सुबह चार बजे से होता है। किसी को भी इस बात की परवाह नहीं है कि जबरदस्ती माइक की आवाज हमारे कान में गूंजती है और जब हम माइक लगाते हैं तो विधर्मियों को पीड़ा होती है, तो कहते है कि हम किसी और इबादत का कोई शब्द नहीं सुन सकते, क्योंकि हमारे धर्म इस्लाम में ठीक नहीं माना जाता और यह जायज नहीं माना जाता।

इस दौरान प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अयोध्या में बन रहे राम मंदिर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी खुलकर सराहना की और उन्हें देशभक्त एवं राष्ट्रभक्त बताया।

बताते चलें कि, प्रज्ञा सिंह ठाकुर मालेगांव विस्फोट मामले में स्वास्थ्य के आधार पर जमानत पर बाहर हैं और उन्होंने अपनी शारीरिक स्थिति का हवाला देते हुए निचली अदालत में व्यक्तिगत पेशी से छूट मांगी थी।
इससे पहले 2017 में जमानत मिलने से पहले वह लगभग नौ साल तक जेल में ही रही हैं और इन वर्षों में प्रज्ञा सिंह ठाकुर यह दावा करते हुए कई अदालती सुनवाई में पेश नहीं हुई हैं कि वह गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं।
इसके अलावा वर्तमान में प्रज्ञा सिंह ठाकुर मुंबई की एक अदालत में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) की कड़ी धाराओं के तहत मुकदमे का सामना भी कर रही हैं।

- Advertisement -

More articles

1 COMMENT

  1. […] बताते चलें कि, प्रज्ञा सिंह ठाकुर मालेगांव विस्फोट मामले में स्वास्थ्य के आधार पर जमानत पर बाहर हैं और उन्होंने अपनी शारीरिक स्थिति का हवाला देते हुए निचली अदालत में व्यक्तिगत पेशी से छूट मांगी थी।इससे पहले 2017 में जमानत मिलने से पहले वह लगभग नौ साल तक जेल में ही रही हैं और इन वर्षों में प्रज्ञा…  […]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest article

Advertising
Advertising