सचिन तेंदुलकर की बैटिंग

सचिन तेंदुलकर की बैटिंग देखने के लिए स्कूल बंक करके गए थे सुरेश रैना, जानें कुछ खास किस्से !

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मोहित नागर
मोहित नागर
मोहित नागर एक कंटेंट राइटर है जो देश- विदेश, पॉलिटिक्स, एंटरटेनमेंट, हेल्थ और वास्तु से जुड़ी खबरों पर लिखना पसंद करते हैं। उन्होंने डॉ० भीमराव अम्बेडकर कॉलेज (दिल्ली यूनिवर्सिटी) से अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। मोहित को लगभग 3 वर्ष का समाचार वेब पोर्टल एवं पब्लिक रिलेशन संस्थाओं के साथ काम करने का अनुभव है।

टीम इंडिया के स्टार क्रिकेटर रहे सुरेश रैना ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। इसकी जानकारी रैना ने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए दी है। इससे पहले सुरेश रैना ने 15 अगस्त 2020 को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया था। उनके इंटरनेशनल क्रिकेट करियर की बात करें तो, उन्होंने अब तक 18 टेस्ट मैच खेले हैं। जिनमें एक शतक की बदौलत 768 रन बनाए हैं। इसके अलवा उन्होंने 226 वनडे इंटरनेशनल खेले, और पांच शतक की बदौलत 5615 रन अपने नाम किए हैं। 78 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में रैना ने 1605 रन बनाए हैं।

उसी दिन भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। भारत के इन दिग्गज क्रिकेटरों की दोस्ती के कई किस्से आपने सुने होंगे। लेकिन आज हम आपको सुरेश रैना का क्रिकेट के प्रति प्यार का किस्सा सुनाएंगे।

सुरेश रैना को स्कूल के दिनों से ही क्रिकेट खेलना बहुत पसंद था। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर जब भी मैदान पर उतरते थे तो उनकी बल्लेबाजी देखने के लिए बच्चों से लेकर बूढ़े भी दिलचस्पी दिखाते थे। भारत के बल्लेबाज सुरेश रैना भी उनके बहुत बड़े फैन थे। एक बार रैना ने सचिन तेंदुलकर का मैच देखने के लिए स्कूल बंक कर दिया था। यह बात तब की है जब रैना महज 12 साल के थे और 7वीं कक्षा में थे। रैना और उनके दोस्तों ने स्कूल से भागकर सचिन की बल्लेबाजी देखी थी। उनके घर पर अपट्रॉन का टीवी था, लेकिन उसमें सिर्फ दूरदर्शन आता था।

ऐसे में उन्होंने अपने कुछ दोस्तों के साथ स्कूल के दो आखिरी पीरियड्स को छोड़ दिया, और मैच देखने चले गए। वो सिर्फ सचिन या द्रविड की बल्लेबाजी देखने जाते थे। इनके आउट होने के बाद वो मैच देखना भी छोड़ देते थे। इतन ही नहीं, तेंदुलकर के लिए उनका प्यार इतना थी कि जब वो पहली बार उनसे मिलने जा रहे थे तब रातभर सोए भी नहीं थे। उस वक्त शायद उन्हें इस बात का अंदज़ा भी नहीं था, की वो एक दिन सचिन तेंदुलकर के साथ एक ही मैदान पर खेलेंगे। उनके साथ वो वर्ल्ड कप विनिंग टीम का भी हिस्सा रह चुके हैं।

क्रिकेट की दुनिया में सुरेश रैना के योगदान को कभी नहीं भूलेगा भारत।

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