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राज्य सरकारों ने Covid 19 की गाइडलाइन्स में किए बड़े बदलाव, मास्क लगाना नहीं होगा जरूरी, जानें आपके शहर में क्या है बदलाव

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मोहित नागर
मोहित नागर
मोहित नागर एक कंटेंट राइटर है जो देश- विदेश, पॉलिटिक्स, एंटरटेनमेंट, हेल्थ और वास्तु से जुड़ी खबरों पर लिखना पसंद करते हैं। उन्होंने डॉ० भीमराव अम्बेडकर कॉलेज (दिल्ली यूनिवर्सिटी) से अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। मोहित को लगभग 3 वर्ष का समाचार वेब पोर्टल एवं पब्लिक रिलेशन संस्थाओं के साथ काम करने का अनुभव है।

कोरोना का खतरा अभी तक टला नहीं है। करीब दो साल बीत चुके हैं, जब भी कोरोना के मामले में सुधार देखने को मिलता है, एक नया वैरिएंट दस्तक दे देता है। इसी कारण पिछले दो सालों से मेट्रो, सिनेमाघर, मॉल जैसी हर जगह पाबंदियां लगाई हुईं थीं। अब इन पाबंदियों पर छूट नज़र आ रही है। एक समय तो ऐसा भी आया था, जब लोग पूरी तरह से अपने घरों में बंद हो गए थे। ऑफिस, स्कूल सब घर से ही हो रहा था, लेकिन अब देश ने दोबारा रफ्तार पकड़नी शुरू की है। कोरोने के बाद लगे लॉकडाउन के बाद मानों जिंदगी रुक सी गई थी। लेकिन अब धीरे-धीरे सब चीजें दोबारा खुलने लगी है, लोग दोबारा दफ्तर की तरफ मुड़ने लगे हैं। अब पहले से हालात सामान्य नजर आ रहे हैं, यही देखते हुए कोविड रिस्ट्रिक्शन में बड़े बदलाव कर दिए गए हैं। महाराष्ट्र, दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में कोविड-19 के सारे प्रतिबंधों को हटा दिया गया है। आइए जानें किस राज्य में क्या बदलाव हुए हैं।

दिल्ली

दिल्ली जैसे राज्य में कोरोना के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे थे, जिसके कारण हर चीज़ पर रोक लगाई हुई थी। सरकार ने कहा था कि जो मास्क नहीं लगाएगा, उसको जुर्माना भरना पड़ेगा, इसी डर से लोग मास्क लगाकर रहते थए। जिसके बाद अब कोरोनोवायरस के मामलों में गिरावट देखते हुए दिल्ली सरकार ने COVID दिशानिर्देशों में और ढील दी और कहा कि राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक स्थानों पर मास्क नहीं पहनने पर अब कोई जुर्माना नहीं लिया जाएगा। आपको बता दें कि पहले अगर आप मस्क नहीं लगाते तो 500 रुपये का जुर्माना लगता था। लेकिन, पिछले कुछ दिनों में कोविड-19 के मामलों में कमी देखते हुए यह फैसला लिया गया। इससे पहले सरकार ने यह भी जारी किया था कि अगर कोई आदमी, गाड़ी में अकेला बैठा हो, तो उसे मास्क पहनना ज़रूरी नहीं है।

उत्तर प्रदेश

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उत्तर प्रदेश की बात करें तो, सरकार ने कुछ समय पहले COVID प्रतिबंधों को हटा दिया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि अब कोरोना के मामलों में कमी देखी जा रही है, इसको देखते हुए स्विमिंग पूल, वाटर पार्क और आंगनवाड़ी केंद्र खोलने की अनुमति देते हैं। इसके अलावा पहले सरकार ने कहा था कि, किसी भी समारोह में 50 से ज्यादा लोग नहीं आ सकते , जिसके बाद नए आदेश में यह भी कहा गया है कि शादियों और अन्य समारोहों के लिए लोग मास्क पहनकर और COVID-19 प्रोटोकॉल के पालन के साथ फुल कैपिसिटी के साथ उपस्थित हो सकते हैं।

महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में कोरोना के मामले सबसे ज्यादा देखने को मिल रहे थे। लेकिन अब वहां भी सुधार देखने को मिल रहा है, सरकार ने कोविड-19 के मामलों में कमी को देखते हुए कहा है कि 2 अप्रैल से राज्य के सभी कोरोना प्रतिंबधों को हटाया जा रहा है। CMO महाराष्ट्र ने ट्वीट करते हुए बताया कि मास्क के इस्तेमाल की सलाह दी जाएगी लेकिन यानी अब मास्क पहनना या न पहनना लोगों की इच्छा पर निर्भर करेगा। आपको बता दें कि महाराष्ट्र में 2 अप्रैल से मराठी नव वर्ष की शुरुआत होने वाली है। महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने महामारी एक्ट और आपदा प्रबंधन एक्ट को खत्म करने का फैसला लिया है।

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने ट्विटर पर लिखा, “आज कैबिनेट में सर्वसम्मति से कोरोना की सभी पाबंदियां हटा ली गईं। गुड़ी पड़वा का जुलूस जोर-शोर से, रमजान को उत्साह के साथ मनाएं। बाबासाहेब की बारात तेज करो।”

पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल राज्य ने भी कोरोना में सुधार देखते हुए कोविड नियमों को हटा दिया है। हालांकि सरकार ने मास्क के उपयोग और साफ-सफाई पर जोर दिया। इस आदेश में कहा गया, ‘यह अधिसूचित किया जाता है कि वर्तमान में लागू प्रतिबंधों को वापस लिया जाता है। हालांकि, हर समय मास्क पहनने, हाथों की स्वच्छता और सार्वजनिक स्थानों की सफाई सहित स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रोटोकॉल के संबंध में परामर्श अगले आदेश तक सख्ती से जारी रहेगा।’

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