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हरभजन सिंह “द टर्बनेटर” – जिसने 2 महान ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों में ऐसा खौफ भरा कि ताउम्र भारत के खिलाफ खेलने से डरते रहे।

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Mohit Raghav
Mohit Raghavhttps://www.duniyakamood.com
दुनिया का मूड के कंटेंट हेड मोहित राघव को वीडियो एवं लिखित कंटेंट में महारथ हासिल है, अपने जुदा अंदाज के लिए जाने जाने वाले मोहित स्पोर्ट्स एवं पॉलिटिक्स में ज्यादा रुचि रखते हैं, डिजिटल मार्केटिंग में खासा अनुभव रखने वाले मोहित कंप्यूटर एप्लीकेशंस में मास्टर्स की डिग्री हासिल किए हुए हैं

हरभजन सिंह उर्फ़ भज्जू पा, नाम तो आपने सुना ही होगा, भारत की गोल्डन जनरेशन का चहेता सितारा। हर क्रिकेट प्रेमी के दिल की धड़कन। हरभजन ने आज क्रिकेट के सभी प्रारूपों को अलविदा कह दिया है, मतलब साफ़ है कि आज के बाद भज्जू पा की गेंदबाजी का कमाल सिर्फ हाइलाइट्स और पुराने वीडिओज़ तक ही सिमट जायेगा। अगर आप 21वीं सदी के क्रिकेट प्रेमी है तो आपके लिए हरभजन सिंह बहुत जाना पहचाना, कोई अपना सा चेहरा होंगे। भज्जी के सन्यास के साथ ही सहवाग, गंभीर, युवराज, ज़हीर, वाली पीढ़ी का आखिरी बचा खिलाड़ी भी अब हमे मैदान में नहीं दिखेगा।

भारत के सबसे सफल गेंदबाजों में शुमार

हरभजन सिंह टेस्ट मैचों में भारत के चौथे सबसे सफल गेंदबाज हैं। उनसे ज्यादा विकेट सिर्फ अनिल कुंबले, कपिल देव और रविचंद्रन अश्विन ने ही लिए हैं तो वहीं कुल मिला के सभी फॉर्मेट में 700 से ज्यादा विकेट लेकर वह सिर्फ अनिल कुंबले से पीछे हैं।

2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मचा दिया था तहलका।

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वैसे तो भज्जी के करियर की शुरुआत 1998 में ही हो गयी थी लेकिन उनको असली पहचान मिली 2001 भारत ऑस्ट्रेलिया सीरीज से। लक्ष्मण और द्रविड़ की मैराथन पारियों के लिए और कोलकाता की ऐतिहासिक जीत के लिए याद किया जाने वाली इस श्रंखला में हरभजन ने 3 मैचों में 32 विकेट लिए थे। मुंबई में 4, कोलकाता में 13 तो चेन्नई में 15 विकेट लेकर भज्जी ने लगातार 4 पारियों में 6 से अधिक विकेट लेकर इतिहास बनाया।

पोंटिंग और गिलक्रिस्ट सामना करने से डरने लगे थे।

रिकी पोंटिंग और एडम गिलक्रिस्ट का नाम दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में शुमार हैं लेकिन 2002 की श्रंखला ने हरभजन के नाम का इन दोनों में ऐसा खौफ भरा की भारत में ये दोनों हरभजन के खिलाफ कभी रन नहीं बना सके। इसी शानदार श्रंखला के बाद इनको टर्बनेटर का नाम मिला।

साइमंड्स को बन्दर कहा तो श्रीसंथ को जड़ दिया थप्पड़

2007 में भारत ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर था, ऑस्ट्रेलिया की पूरी कोशिश थी की भज्जी विकेट न लें, इसी चक्कर आदत से मजबूर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भज्जी को स्लेज कर बैठे, भज्जी ने जबाब देते हुए एंड्रू साइमंड्स को बन्दर कह दिया, ये बात इतनी बढ़ गयी की भारत के तत्कालीन कप्तान अनिल कुंबले ने दौरा बीच में छोड़ कर वापस आने की बात तक कह दी।

श्रीसंथ को जड़ दिया था थप्पड़

आईपीएल के एक मैच के बाद मुंबई को हराकर जश्न मानना श्रीसंथ को इतना महंगा पड़ा कि हरभजन आप खो बैठे और सरे मैदान श्रीसंथ को थप्पड़ जड़ दिया, हालाँकि इसके बाद भज्जी को एक सीजन के लिए आईपीएल से बन कर दिया गया।

इस समय सन्यास के पीछे की वजह

हरभजन अभी कुछ दिनों पहले कांग्रेस नेता और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू से मुलाक़ात की वजह से चर्चा में थे, अफवाहों का बाजार गर्म है कि हरभजन आने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार हो सकते हैं। फ़िलहाल सन्यास के पीछे का मुख्य कारण भी यही माना जा रहा है।

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