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भारत में मौजूद इस स्टेशन पर जाने के लिए भारतीय नागरिकों को लेना पड़ता है Visa, जानें इसके बारे में

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भारत में रेलवे को लाइफ लाइन माना जाता है। यह हर वर्ग के व्यक्ति के लिए यातायात का सुलभ और सस्ता साधन है। भारत में 7000 से ज्यादा रेलवे स्टेशन हैं। कई रेलवे स्टेशन अपनी खूबसूरती के लिए जाने जाते हैं तो कई अपने लंबे प्लेटफॉर्म और सफाई आदि के लिए। भारतीय रेलवे बहुत रोचक है और इससे जुड़े कई फैक्ट्स भी बहुत ही दिलचस्प हैं। भारतीय रेल नेटवर्क, दुनिया में चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क में से एक है और इससे जुड़े किस्से और कहानियां तो हमेशा ही प्रचलित रहती हैं। भारत में एक ऐसा स्टेशन है जो अपने आप में ही बहुत दिलचस्प है। इस स्टेशन पर जाने के लिए भारत वासियों को भी पाकिस्तानी वीजा लेना पड़ता है। इस स्टेशन का नाम कुछ साल पहले बदल कर अटारी श्याम सिंह स्टेशन रख दिया गया था। ये स्टेशन भारत-पाकिस्तान के बॉर्डर पर मौजूद है।

अटारी स्टेशन भारत का ही हिस्सा है, लेकिन यहां जाने के लिए पाकिस्तान से इजाजत लेनी होती है। जो लोग मेंटेनेंस के काम से जाते हैं या फिर जिन्हें इसकी सिक्योरिटी का जिम्मा दिया जाता है उसके पास भी सरकारी इजाजत होती है। इसके अलावा अगर इस स्टेशन के पास कोई आ आदमी जबरदस्ती घुसने की कोशिश करता है तो उसे जेल भी जाना पड़ सकता है और जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। आपको बता दें कि अगर कोई यहां जबरदस्ती घुसने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ फॉरेन एक्ट के सेक्शन 14 के तहत मामला दर्ज हो सकता है।

यहां से केवल अंतरराष्ट्रीय ट्रेन समझौता एक्सप्रेस जाती थी। इस स्टेशन पर केवल समझौता एक्सप्रेस ही जाती थी। इस ट्रेन में जाने के लिए इसका टिकट खरीदना होता था तो पहले पासपोर्ट नंबर दिया जाता था। समझौता एक्सप्रेस भारत और पाकिस्तान के बीच सप्‍ताह में दो दिन विभाजन से पहले से अटारी से लाहौर तक बिछी पटरी पर दौड़ती थी। शिमला समझौते के बाद 22 जुलाई 1976 को लाहौर से अमृतसर के बीच इसे शुरू किया गया। 1994 से इसे अटारी और लाहौर के बीच चलाया जाने लगा। भारत और पाकिस्तान के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस फिलहाल पूरी तरह से बंद हो गई है। हालांकि, अटारी तक जाने के लिए अब कई ट्रेन हैं लेकिन अब इनमें से कोई भी अटारी-लाहौर लाइन पर नहीं जाती है।

इस स्टेशन को 8 अगस्त 2019 को बंद कर दिया गया था। उस समय से ही समझौता एक्सप्रेस ट्रेन को भी बंद कर दिया गया था। ये फैसल पाकिस्तान ने उस वक्त लिया जब मोदी सरकार ने आर्टिकल 370 को खत्म करने का फैसल लिया था। उससे पहले यहां से जाने के लिए कई बार चेकिंग करवानी पड़ती थी। सबसे पहले अटारी स्टेशन से जब ट्रेन जाती थी तब सभी पैसेंजर्स की चेकिंग होती थी। उसके कुछ ही मिनट बाद पाकिस्तान के पहले स्टेशन वाघा पर दोबारा चेकिंग की जाती थी।

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आपको बता दें कि अटारी पंजाब की तरफ से भारत का आखिरी रेलवे स्टेशन है। इसके एक तरफ अमृतसर तो दूसरी तरफ लाहौर होता है। यहां आसानी से लोगों को जाने की इजाजत नहीं मिलती है।

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