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चेन्नई की स्टार्टअप कंपनी ने बनाई एशिया की पहली हाइब्रिड इलेक्ट्रिक फ्लाइंग कार, बिना रनवे के घर की छत से ही भरेगी उड़ान!

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नई दिल्ली: अब वह दिन दूर नहीं जब उड़ने वाली कार का इस्तेमाल भारत में लोग ट्रैवल के अलावा मेडिकल इमरजेंसी सर्विसेज में भी कर सकेंगे। भारत में फ्लाइंग कार बनाने वाली विनाटा एयरोमोबिलिटी कंपनी भारत के लिए फ्लाइंग कार तैयार कर रही है। चेन्नई स्थित ये कंपनी हाइब्रिड फ्लाइंग कार को बना रही है। कंपनी का कहना है कि यह बिना किसी रनवे के घर की छत से भी उड़ान भरने में सक्षम होगी।

कंपनी ने पहली बार कार का मॉडल सिविल एविएशन मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया को दिखाया था। कंपनी ने अपने ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर 14 अगस्त 2021 को 36 सेकेंड का वीडियो अपलोड किया था।

  1. वर्टिकल टेक-ऑफ और लैडिंग

इस कार को टेक ऑफ करने के लिए रन-वे की जरूरत नहीं होगी। यह वर्टिकल टेक ऑफ और लैडिंग मशीन है जिसका रोटर कन्फिगरेशन को-एक्सियल क्वाड वाला है। फ्लाइंग कार के विंग्स को चारों साइड लगाया गया है। जिसकी मदद से कार वर्टिकल रूप होवर, टेक ऑफ और लैंड कर सकती है। इसका कोएक्सियल क्वॉड मोटर सिस्टम आठ BLDC मोटर्स से एनर्जी जेनरेट करता है, जिसमें 8 पिच प्रोपेलर्स लगे होते हैं।

  1. 3,000 फीट तक की उंचाई से उड़ान भरेगी

हाइब्रिड फ्लाइंग कार 120 kmph की टॉप स्पीड से 60 मिनट तक उड़ान भर सकती है। ये ग्राउंड लेवल से 3,000 फीट ऊंचाई तक उड़ सकती है। टू सीटर कार का वजन 1100 kg है, जो मैक्सिमम 1300kg वजन के साथ टेक ऑफ कर सकती है। कंपनी का दावा है कि इसका रेंज 100 किलोमीटर तक है।

  1. फ्लाइंग कार का केबिन

फ्लाइंग कार के अंदर डिजिटल इंस्ट्रूमेंट पैनल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी फीचर से लैस होता है। इससे कार ड्राइव करने और उड़ान भरने में आसानी होती है। कार में नेविगेशन और मौसम की जानकारी के लिए बड़ी डिजिटल टच स्क्रीन होती है। फ्लाइंग कार में पैनोरमिक विंडो मिलता है जो 300 डिग्री व्यू देता है।

  1. सेफ्टी के लिए एयरबैग वाला कॉकपिट

सेफ्टी के लिहाज से हाइब्रिड इलेक्ट्रिक फ्लाइंग कार में इजेक्शन पैराशूट के साथ-साथ एयरबैग वाला कॉकपिट भी मिलता है। इसके अलावा अलग से इलेक्ट्रिक प्रोपल्सन (DEP) सिस्टम का इस्तेमाल होता है। जो पैसेंजर को पूरी तरह से सेफ रखता है। इसका मतलब है कि विमान पर कई प्रोपेलर और मोटर हैं और यदि एक या ज्यादा मोटर या प्रोपेलर फेल हो जाते हैं, तो दूसरे काम करने वाले मोटर और प्रोपेलर विमान को सेफ तरीके से लैडिंग करा सकते हैं।

  1. बायो फ्यूल से भी चलेगी

हाइब्रिड फ्लाइंग कार इलेक्ट्रिक के साथ-साथ बायो फ्यूल से भी चलेगी। साथ ही इसमें बैकअप पावर दिया गया है जो जनरेटर पावर रुकने की स्थिति में मोटर को बिजली देगा।

हाइब्रिड कार

देखने में हाइब्रिड कार एक सामान्य कार जैसी होती है, लेकिन इसमें दो इंजन का उपयोग किया जाता है। इसमें पेट्रोल/डीजल इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर होती है। इस तकनीक को हाइब्रिड कहा जाता है। अब ज्यादातर कंपनियां इसी तरह की कारों पर काम कर रही हैं।

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