16.1 C
Delhi
मंगलवार, दिसम्बर 6, 2022

दिल्ली में घूमने की जगह जो है सबसे बेस्ट और जाने दिल्ली का इतिहास

Table of Contents

दिल्ली में घूमने की जगह

नई दिल्ली : भारत का सबसे ज्यादा आबादी वाला दूसरा राज्य दिल्ली है जहां की जनंसख्या लगभग 1.95 करोड़ है। राजधानी दिल्ली दुनियाभर में दिल वालों की दिल्ली के नाम से प्रसिद्ध है और यहां बहुत से पुराने मंदिर और पुरानी इमारतें जहां प्रतिदिन हजारों लोग घूमने आते है। दिल्ली में कई राजनीतिक इमारतें है और राजा महाराजाओं के दौर में बनाई गई कई ऐसी इमारतें मौजूद है जिनका दीदार करने देश-विदेश से कई लोग आते है। आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से दिल्ली में घूमने की जगह (Delhi Me Ghumne Ki Jagah) के बारें में बताने जा रहे है जहां हर वर्ष लाखों की संख्या में देश-विदेश से पर्यटक आते है।

*  दिल्ली का इतिहास

यमुना नदी किनारे बसा दिल्ली शहर का बहुत ही पुराना इतिहास रहा है। माना जाता है कि महाभारत के समय में इंद्रपस्थ वो जगह थी जहां पांडव रहा करते थे।  कई हिन्दू राजाओं और कई मुस्लिम शासकों का राज इस शहर पर रहा है। इस शहर का इतिहास सिंधु घाटी सभ्यता से काफी जुड़ा हुआ है। यदि आप यहां घुमने का प्लान बना रहे है तो आपको चादंनी चौक की उन गलियों में घुमने का आनंद मिलेगा जो कई वर्षो पुरानी है।

Delhi Me Ghumne Ki Jagah

दिल्ली में घूमने की ये 20 जगह है सबसे बेस्ट, इतिहास से लेकर इनकी खूबसूरती तक सब मिलेगा आपको देखने को।

1. लाल किला

17 वीं शताब्दी में लाल किले का निर्माण शाहजहां ने करवाया था। लाल किले को लाल रंग के पत्थरों से बनाया गया है इसलिए इसका नाम लाल किला पड़ गया था। ये एक किला राजधानी दिल्ली में यमुना नदी के किनारे पर है और इसका एक विशाल इतिहास भी रहा है। आपको बता दें किसी समय में ये किला मुगल शासकों का प्रमुख निवास हुआ करता था और सन् 2007 में इस किले को युनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल में शामिल किया गया था। वहीं इसके अलावा हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर भारत के प्रधानमंत्री लाल किले पर तिरंगा फहराते हैं।

2. इंडिया गेट

प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए सभी सैनिकों की याद में 1931 में इंडिया गेट का निर्माण किया गया था। इस इमारत पर हमेशा ही अमर जवान ज्योति जलती हुई रहती है और आज भी बहुत से सैनिकों के नाम यहां पर लिखे है। दिल्ली में इंडिया गेट ठीक राष्ट्रपति भवन के सामने मौजूद है। यहां हर वर्ष गणतंत्र दिवस परेड की मेजबानी भी की जाती है।

3. कुतुब मीनार

आपको बता दें कुतुबुद्धीन-ऐबक ने सन् 1193 में इस इमारत का निर्माण कार्य शुरू कराया था और इसे बनाने में लगभग 4 वर्ष का समय लगा था। दिल्ली की इस खूबसूरत और ऐतिहासिक मीनार का निर्माण कुतुबुद्दीन ऐबक ने कराया इसलिए इसका नाम कुतुब मीनार रखा गया था। इसे दुनिया का सबसे ऊंचा टावर का दर्जा दिया गया है और यहां हर वर्ष लाखों में लोगों का आना जाना लगा रहता है।

4. कमल मंदिर

दिल्ली में मौजूद कमल मंदिर एक बेहद शान्त वातावरण वाला स्थान है। इस मंदिर की खास बात ये है कि यहां किसी भी भगवान की कोई मूर्ति नहीं है और सभी धर्म के लोगों का यहां स्वागत किया जाता है। इस मंदिर का नाम कमल मंदिर इसलिए रखा गया है क्योंकि इसका आकार बिलकुल कमल के फूल जैसा ही है और कमल शांति का प्रतीक होता है।

5. इस्कॉन मंदिर

1998 में अच्युत कनविंडे द्वारा इस्कॉन मंदिर की स्थापना की गई थी। ये एक भगवान् श्री कृष्ण और मां राधा भव्य मंदिर है। वैसे तो ये मंदिर हमेशा ही खूबसूरत लगता है परंतु कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर यहां की खूबसूरती डबल हो जाती है। इस मंदिर में मल्टी मीडिया शो का भी आयोजन किया जाता जिसमें महाभारत व रामायण जैसे महाकाव्य प्रदर्शित किए जाते है।

6. अक्षरधाम मंदिर

हिन्दू धर्म और संस्कृति को दर्शाने वाले यमुना नदी के तट स्थित अक्षरधाम मंदिर का निर्माण 2005 में किया गया था। मंदिर के साथ साथ ये एक बेहद प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भी है। इस मंदिर के निर्माण के दौरान इसके हर एक कोने की बेहद बारीकी के साथ निर्माण कार्य किया गया है।

7. छत्तरपुर मंदिर

यदि आप शान्त मौहाल में जाकर भगवान की भक्ति में लीन होना चाहते है तो आपको दिल्ली में स्थित छत्तरपुर मंदिर में जरूर जाना चाहिए। ये मंदिर लगभग 70 एकड़ में फैला है और यहां भगवान् शिव-पार्वती, राधा-कृष्ण, लक्ष्मी माता, बजरंग बली जी की विशाल मूर्तियां है। चारों तरफ खूबसूरत बगीचों से घिरा हुए अक्षरधाम मंदिर की स्थापना कर्नाटक के संत महाराज नागपाल जी ने करवाई थी। मंदिर से पहले यहां केवल एक कुटिया हुआ करती थी।

8. गुरुद्वारा बंगला साहिब

गुरुद्वारा बंगला साहिब पहले एक बंगला हुआ करता था जो जयसिंह जयपुर के महाराजा का था। अपने दिल्ली प्रवास के दौरान सिखों के आठवें गुरु गुरु हर किशन सिंह जी यहां रहे थे। ये गुरुद्वारा सिक्खों समेत हिन्दुओं की आस्था से जुड़ा है और ये बेहद पवित्र स्थान भी माना जाता है।

9. हुमायूं का मक़बरा

हुमायूं के मकबरे का निर्माण हुमायूं कि पत्नी हाजी बेगम ने 1570 ईस्वीं में करवाया था।  इतने सालों बाद भी आज ये मकबरा उतना ही खूबसूरत है। ये मकबरा मुगल वास्तु कला का प्रशंसनीय नमूना माना जाता हैं। आपको बता दें इस मकबरे को फारसी वास्तुकार मिराक मिर्जा घियाथ ने डिजाइन किया गया था।

10. जामा मस्जिद

राजधानी दिल्ली के बीचों बीच स्थित जामा मस्जिद इतनी बड़ी है की इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते है कि यहां एक समय में लगभग 25000 लोग नामाज कर सकते है। चांदनी चौक में मौजूद जामा मस्जिद सन् 1656 में बन कर तैयार हो गई थी। बता दें जामा मस्जिद का निर्माण शाहजहां ने करवाया था।

11. जंतर मंतर

सन् 1724 में सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा जंतर मंतर का निर्माण करवाया गया था। जंतर मंतर दिल्ली के दक्षिण में स्थित एक विशाल वेधशाला है। जंतर मंतर में बहुत से प्राकर के उपकरण मौजूद है जो ग्रहों की गति को नापने में सहायक होते है। बता दें यहां का सबसे बड़ा सम्राट यंत्र है ये सूर्य की मदद से समय और ग्रहों की स्थिति की बिलकुल सटीक जानकारी प्रदान करता है।

12. वेस्ट टू वंडर पार्क

दिल्ली में स्थित वेस्ट टू वंडर पार्क में आपको दुनिया के सातों अजूबें देखने को मिलते है। बता दें इसके निर्माण के लिए लगभग 150 टन कचरे का इस्तेमाल किया गया था। यहां आपको 20 फिट का ताजमहल और 60 फिट को एफिल टॉवर सहित 7 अजूबे देखने को मिलते है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में यहां देश विदेश से लोग घुमने आते है।

13. लोधी गार्डन

राजधानी में स्थित लोधी गार्डन का निर्माण 15 वीं शताब्दी में लोधी शासन काल में करवाया गया था। आपको बता दें यहां सिकंदर लोधी और सैय्यद शासक मोहम्मद शाह की कब्रे भी मौजूद है। भारत आजाद होने के पश्चात् इस जगह का नाम लोधी गार्डन कर दिया गया था। घूमने के लिए आप यहां भी अपने परिवार के साथ आ सकते है।

14. प्रगति मैदान

हर वर्ष नंवबर के महीने में प्रगति मैदान में भारतीय विश्व व्यापार मेले का आयोजन किया जाता है जिसमें देश के अलग अलग राज्यों से लोग भाग लेते है। बता दें प्रगति मैदान में 16 बड़े बड़े हॉल है जहां हर वर्ष राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाता है।

15. मुगल गार्डन

दिल्ली में राष्ट्रपति भवन परिसर के अंदर स्थित मुगल गार्डन लगभग 13 एकड़ के भू-भाग पर फैला हुआ है। मुगल गार्डन में मौसम के अनुसार तरह तरह के अनेकों फूल लगाएं जाते हैं। आपको लगभग यहां 159 प्रकार की फूलों में प्रजातियां देखने को मिलती है।

16. नेशनल जूलॉजिकल

यदि आप दिल्ली घुमने का प्लान बना रहे है तो ऐसे में आपको नेशनल जूलॉजिकल यानी चिड़िया घर भी जाना चाहिए। यहां आपको देश विदेशों में पाए जाने में विभिन्न प्रकार के पशु पक्षी देखने को मिलते है। चिड़िया घर में आपको आज हमारे भारत देश से विलुप्त हो चुके जानवर और पक्षियों का समूह भी देखने को देखने को मिल जाएगा।

17. चांदनी चौक

राजधानी दिल्ली में मौजूद चांदनी चौक देश के सबसे पुराने बाजारों में से एक है। बता दें चांदनी चौक का निर्माण शाहजहां ने 17 वीं शताब्दी में करवाया था। ये बाजार आपको लाल किले के सामने देखने को मिलेगा और यहां आपको बेहद कम कीमत में कोई भी सामान आसानी से मिल जाता है।

18. राजघाट

सन् 1948 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की हत्या होने के बाद में उनका यहां पर अंतिम संस्कार किया गया था। राजघाट भारत में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि भारत यात्रा के दौरान अलग अलग देशों के राष्ट्रपति यहां गांधी जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

19. पुराना किला

राजधानी दिल्ली में चिड़िया घर के पास में स्थित पुराना किला भी आपके लिए घुमने लायक जगह है। यहां बड़ी संख्या में पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है। इस किले में आपको एतिहासिक कई चीजें देखने को मिलेगी। इसके अलावा अंदर एंटर करने पर आपको एक बेहद खूबसूरत और बड़ा गार्डन देखन को मिलेगा।

20.  हौज खास किला

राजधानी दिल्ली के दक्षिण क्षेत्र में स्थित हौज खास किले का निर्माण 1284 ईस्वी में अलाउद्दीन खिलजी ने करवाया था। आपको बता दें इस किले के आस पास बेहद शांत और हराभरा वातावरण व एक विशाल झील देखने को मिलती है। लगभग 900 वर्ष पुराने किले में प्रवेश करते ही आपको सभी दीवारो पर इतिहास की कुछ चित्रकारी भी देखने को मिलगी।

ये भी पढ़े जानिए भारतीय महिलाओं द्वारा निर्मित ऐतिहासिक इमारतो के बारे में !

ये भी पढ़े इंडियन आर्मी एयर डिफेंस कॉलेज में स्टेनो, एलडीसी और एलए पदों पर निकली भर्ती

मोहित नागर
मोहित नागर
मोहित नागर एक कंटेंट राइटर है जो देश- विदेश, पॉलिटिक्स, एंटरटेनमेंट, हेल्थ और वास्तु से जुड़ी खबरों पर लिखना पसंद करते हैं। उन्होंने डॉ० भीमराव अम्बेडकर कॉलेज (दिल्ली यूनिवर्सिटी) से अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। मोहित को लगभग 3 वर्ष का समाचार वेब पोर्टल एवं पब्लिक रिलेशन संस्थाओं के साथ काम करने का अनुभव है।

Related Articles

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Latest Articles