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आयकर विभाग :- सोनू सूद के कंपनियों का हो रहा है सर्वे ,आयकर विभाग ने रेड की बात का किया खंडन।

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जब देश कोरोना की चपेट में था तभी भारत सरकार ने अचानक लॉकडाउन का एलान कर के सब को चकित कर दिया। अपने राज्य को छोड़ कर जो लोग काम के लिए घर से दूर आये थे उनकी मुश्किल बढ़ गयी वो सब घर जाने के लिए व्याकुल हो गए और कैसे भी घर जाना चाहते थे। तब उनके एक मशीहा आया जिसे हम सब सोनू सूद के नाम से जानते है। सोनू सूद ने हर वो कोशिश की जिससे लोग आराम से घर पहुच जाए हर तरफ से उन्होंने लोगो की मदद की ।

वही सोनू सूद आज इनकम टैक्स के चक्र मे फस गए है।
यहाँ पे इनकम टैक्स अफसर ने उनके यहाँ सर्वे के लिए गए वहाँ ये बात जंगल मे आग की तरह फैल गयी और सोशल मीडिया पे उनके फैंस की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गयी। तो वही कुछ लोगो ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया और इसे एक गलत कदम बताया।

एक सम्मानित विभाग

आयकर विभाग देश की एक सम्मानित विभाग है. हम देश वासियों को उसकी हर रेड को राजनीति से नही जोड़ना चाहिए.और रही सोनू सूद के यहां आयकर विभाग के जाने की तो आयकर विभाग सोनू सूद के यहाँ सर्वे पर गयी है, ना की रेड करने। आयकर विभाग जानता है कि सोनू सूद एक सम्मानित व्यक्ति है और उनका एक गलत कदम आयकर विभाग को दागदार बना देगा।

सूत्रों के मुताबिक एक्टर एवम सोशलिस्ट सोनू सूद पर टैक्स गबन का आरोप लगा है. माना जा रहा है कि लखनऊ के एक रियल स्टेट कंपनी और सोनू सूद के बीच एक जमीन का सौदा हुआ है, जिसका सर्वे आयकर विभाग कर रहा है , इस प्रकरण में एक बड़े कारोबारी अनिल सिंह का भी नाम आया है। और अनिल सिंह के ऑफिस में भी आयकर विभाग का छापा पड़ा है ,अनिल सिंह और सोनू सूद दोनों बिज़नेस पार्टनर बताया जा रहा है इसी कारण से आयकर विभाग को सोनू सूद और अनिल सिंह की कंपनी पर रेड करनी पड़ी ।

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आयकर विभाग ने क्या किया?

अभी तक आयकर विभाग केवल सोनू सूद के स्टाफ और उनके परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रहा है।और साथ मे कुछ दस्तावेज भी अपने साथ ले गए है। और वो इन दस्तवेजो की जांच करेगा।

‘सर्वे अभियान’ में आयकर अधिकारी केवल व्यावसायिक परिसरों और उससे जुड़े परिसरों में जाँच करते हैं. और उनको ये अधिकार है कि आयकर अधिकारी दस्तावेज भी जब्त कर सकते हैं. कोरोना काल में सोनू सूद ने हजारों लोगों की मदद की है. इनका एक एनजीओ भी चल रहा है, जिसका नाम ‘सूद चैरिटी फाउंडेशन’ है. यह NGO हेल्थकेयर, एजुकेशन, नौकरी और तकनीकी एडवान्समेंट पर काम करता है. आयकर विभाग की रडार पर सोनू का एनजीओ भी, जिसके जरिए करोड़ों रुपए के लेन-देन होते हैं.

छापे और सर्वे में अंतर क्या है?

छापे और सर्वे में बहुत बड़ा अंतर है अकसर लोग यही सोचते है कि आयकर विभाग केवल छापे मरता है,लेकिन ये गलत है, आयकर विभाग को भी कुछ अधिकार दिए गए है और इसकी व्याख्या आयकर एक्ट 1961 के सेक्शन 133a में आता है जहाँ बताया गया है कि आयकर विभाग का सर्वे केवल व्यवसाय या पेशे के स्थान पर हो सकता है। आयकर विभाग किसी के घर पर सर्वे तब तक नही करेगा जब तक उस केस से रिलेटेड कोई कागज़ उनके घर पर ना हो।

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