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IPL: कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच बढ़ी IPL की टेनशन, क्या हो सकता है मैच बीच में बंद ?

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मोहित नागर
मोहित नागर
मोहित नागर एक कंटेंट राइटर है जो देश- विदेश, पॉलिटिक्स, एंटरटेनमेंट, हेल्थ और वास्तु से जुड़ी खबरों पर लिखना पसंद करते हैं। उन्होंने डॉ० भीमराव अम्बेडकर कॉलेज (दिल्ली यूनिवर्सिटी) से अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। मोहित को लगभग 3 वर्ष का समाचार वेब पोर्टल एवं पब्लिक रिलेशन संस्थाओं के साथ काम करने का अनुभव है।

कोरोना का खतरा अभी टला ही था, धीरे-धीरे चीजें पटरी पर आना शुरू हुई ही थीं, कि अब फिर से कोरोना के मामले बढ़ते हुए नज़र आ रहे हैं, लोगो के बीच में फिर वही डर देखने को मिल रहा है। इन दिनों IPL का क्रेज़ देखने को मिल रहा है। वहीं, इसी बीच एक बार फिर कोरोना की टेन्शन नज़र आ रही है।

इंडियन प्रीमियर लीग के 15वें सीजन के चौथे हफ्ते में कोविड-19 के मामले सामने आए हैं। जिसकी वजह से चारों तरफ खलबली मच गई है। वैसे तो IPL मे क्वारंटीन रहने और बायो बबल का पूरा ध्यान दिया जा रहा है। लेकिन इसके बावजूद सोमवार को दिल्ली कैपिटल्स के एक खिलाड़ी समेत दो लोगों के संक्रमित होने की बात सामने आई। हालांकि, बाद में आई आरटी-पीसीआर टेस्ट के मुताबिक टेस्ट निगेटिव बताया जा रहा है।

समाचार एजेंसी PTI की एक खबर के मुताबिक BCCI के एक सूत्र ने बताया था कि दिल्ली से जुड़े एक ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर और सपोर्ट स्टाफ में संक्रमण के लक्षण दिखे, जिसके बाद उनकी जांच हुई और उसमें खिलाड़ी के रैपिड एंटीजेन टेस्ट पॉजिटीव होने की पुष्टि की गई। इससे पहले टीम के फिजियो पैट्रिक फरहार्ट भी संक्रमित होने के बाद आइसोलेट किए गए थे।

बढ़ते मामलों के बीच IPL पर भी खतरा नज़र आ सकता है। IPL के पिछले सीजन में भी बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच लीग को स्थगित करना पड़ा था। इसके बाद सितंबर में इस यूएई में आयोजित किया गया था।

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BCCI द्वारा IPL के जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक स्टेडियम में केवल 50 प्रतिशत दर्शकों को मैच देखने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा IPL के दौरान अगर किसी खिलाड़ी या सदस्य के संक्रमित होने की बात सामने आती है, तो कोरोना संक्रमित खिलाड़ी या सदस्य को सात दिन के लिए आइसोलेट किया जाएगा। इस दौरान छठे और सातवें दिन उसका कोविड टेस्ट होगा। टीम के बायो-बबल में शामिल होने के लिए उसे 24 घंटे के अंतराल में लगातार दो आरटी-पीसीआर टेस्ट में निगेटिव होना पड़ेगा। वहीं, अगर किसी फ्रेंचाइजी के ज्यादातर खिलाड़ी कोविड-19 के कारण खेलने के नहीं आते हैं, तो फ्रेंचाइजी में 12 सदस्य उपलब्ध होने पर 11 खिलाड़ियों के साथ उतरने के लिए कहा जाएगा। इनमें सात भारतीय खिलाड़ी और एक सब्सीट्यूट खिलाड़ी होगा। अगर किसी टीम के पास कम से कम 12 खिलाड़ी उपलब्ध नहीं होंगे तो बीसीसीआई उस मैच को दूसरे दिन आयोजित कराएगा। अगर ऐसा भी नहीं होता है तो मामले को टेक्निकल कमेटी के पास भेजा जाएगा। टेक्निकल कमेटी का फैसला अंतिम होगा।

बायो-बबल में भी इस बार कई बदलाव देखने को मिले हैं। पिछली बार सात दिनों तक खिलाड़ियों और सदस्यों को क्वारंटीन होना पड़ा था। जिसे इस बार हटाकर तीन दिन कर दिया गया है। तीन दिनों तक सभी लोगों का कोरोना टेस्ट हर 24 घंटे पर होगा। फिलहाल के लिए तो खतरा टला हुआ है, लेकिन अगर मामले बढ़ते रहे तो इस बार भी लीग को बीच में रोका जा सकता है।

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