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रिसर्च में दावा- पैदल चलने से व्यक्ति की बढ़ती है उम्र, रोजाना 6 से 10 हजार कदम चलने से 53% तक कम होता है मौत का खतरा!

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मोहित नागर
मोहित नागर
मोहित नागर एक कंटेंट राइटर है जो देश- विदेश, पॉलिटिक्स, एंटरटेनमेंट, हेल्थ और वास्तु से जुड़ी खबरों पर लिखना पसंद करते हैं। उन्होंने डॉ० भीमराव अम्बेडकर कॉलेज (दिल्ली यूनिवर्सिटी) से अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। मोहित को लगभग 3 वर्ष का समाचार वेब पोर्टल एवं पब्लिक रिलेशन संस्थाओं के साथ काम करने का अनुभव है।

नई दिल्ली: आज की व्यस्त समय में पैदल चलना लगभग कई तो लोग भुल ही गए है। जरा-जरा सी दूरी के लिए आज की युवा पीढ़ी पैदल चलने से बचती है। आपको बता दें पैदल चलने से हमारा शरीर फीट तो रहता ही है साथ ही यह एक एक्सरसाइज भी है जो हर कोई बेहद आसानी से कर सकता है। इससे हमारा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों ही बेहतर होते हैं। एक हालिया रिसर्च के अनुसार इससे मौत का खतरा भी काफी कम हो जाता है।

अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स के वैज्ञानिकों ने की है। इसे लैंसेट पब्लिक हेल्थ जर्नल में प्रकाशित किया गया है। वैज्ञानिकों ने 4 महाद्वीपों के 50 हजार लोगों पर हुई 15 स्टडीज को एनालाइज किया। इस डेटा से पता चला कि रोजाना पैदल चलने से लोगों की सेहत अच्छी और उम्र लंबी होती है।

50 हजार लोगों को 4 ग्रुप्स में बांटा गया। पहला ग्रुप औसत 3,500 कदम, दूसरा 5,800, तीसरा 7,800 और चौथा 10,900 कदम चलने वाला ग्रुप था। रिसर्चर्स के अनुसार, जो तीन ग्रुप्स सबसे ज्यादा एक्टिव रहे, उनमें मौत का जोखिम 40 से 53% तक कम हो गया।

रिसर्च में सामने आया कि हर दिन 10 हजार कदम चलना जरूरी नहीं है। यदि 60 साल से कम उम्र के लोग 8 से 10 हजार कदम और 60 साल से ज्यादा उम्र के लोग 6 से 8 हजार कदम चलते हैं, तो भी उन्हें उतना ही फायदा होगा।

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यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स एमहर्स्ट फिजिकल एक्टिविटी एपिडेमियोलॉजिस्ट अमांडा पालुच के मुताबिक, रिसर्च के नतीजे बताते हैं कि चलने की गति से लंबी उम्र का कोई कनेक्शन नहीं है। इसका मतलब तेज या धीरे चलने से ज्यादा जरूरी कदमों की संख्या है। यानी, आप रोजाना जितना ज्यादा चलेंगे, मौत का खतरा उतना कम हो जाएगा।

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