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यूपी विधानसभा चुनाव: क्या ‘पराक्रम महाअभियान’ है कांग्रेस की ‘संजीवनी’, उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की कितनी पकड़?

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देश में जब विधानसभा चुनावों की बात आती है तो सभी की नजरें उत्तर प्रदेश के चुनावों पर टिक जाती है, क्योंकि क्षेत्रफल के अनुसार देश में चौथे स्थान पर अपना कब्जा जमाने वाले राज्य उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा सीटें आती है। इतना ही नहीं यूपी के पास 80 लोकसभा सीटें है जो कि देश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए काफी है। वहीं राज्य के राज्यसभा सदस्यों और विधान परिषद के सदस्यों की बात की जाए तो देश में 31 राज्यसभा सांसदों और 100 विधान परिषद सदस्यों के साथ यूपी पहले स्थान पर आता है।

यूपी में चुनावी लहर जैसे-जैसे करीब आ रही है, यूपी में सियासी गर्मी भी जरा बढ़ सी गई है। बहुजन समाज पार्टी से लेकर सत्ता की गद्दी को काबिज किए बैठी भारतीय जनता पार्टी तक हर छोटा और बड़ा दल चुनाव की तैयारियों में जुट गया है। इसी बीच कांग्रेस भी अपनी तैयारियों में जुट गई है और इस बार लगता है कि कांग्रेस कोई कोर कसर नहीं छोड़ने वाली। उत्तर प्रदेश चुनावों की नजदीकी को देखते हुए इस बार प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को एक नया टास्क दिया है। कांग्रेस का मानना है कि यह टास्क कांग्रेस के लिए उत्तर प्रदेश में ‘संजीवनी’ का काम करेगा और कांग्रेस एक नए जोश और बड़े नेटवर्क की पार्टी बनकर उभरेगी।

बता दें कि, उत्तर प्रदेश चुनावों में कांग्रेस पूरे जोश के साथ मैदान में है और इसके लिए कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी बीते कुछ समय से उत्तर प्रदेश के ग्रामीण स्तर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण शिविर में हिस्सेदारी ले रही है। इस पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि कांग्रेस के द्वारा जिले स्तर पर शुरू किए गए इस प्रशिक्षण में प्रियंका गांधी ने देखा कि रूरल इलाके से आने वाले लोगों के बीच कांग्रेस का जुड़ाव अधिक है और इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश के गांव-गांव तक अपनी पहुंच बनाने के लिए कांग्रेस ने ‘हर गांव कांग्रेस अभियान’ की शुरुआत की है।

बता दें कि इसी अभियान के तहत प्रियंका गांधी ने अब यूपी में अपनी तैयारियों को तेज करते हुए कांग्रेसियों को एक ऐसा लक्ष्य दे दिया है, जो उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। प्रियंका गांधी का कहना है कि आने वाले 20 दिनों में राज्य की 58 हज़ार ग्राम सभाओं में कांग्रेस के ग्राम सभा अध्यक्ष बनाए जाएंगे। इस फैसले पर यूपी के कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह हमारे लिए कोई बड़ा टास्क नहीं है, संगठन की मजबूती के लिए हम पहले से ही तैयारियों में जुटे हुए थे और आसानी से ग्राम सभाओं में अध्यक्ष बनाने का कार्य पूर्ण हो जाएगा।

इस पर तारीफ करते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि, जिस तरीके से कांग्रेस महासचिव ने गांव-गांव में कांग्रेसियों को जोड़ने का अभियान शुरू करने का आह्वान किया है। यह निश्चित तौर पर एक बड़ा कदम है। बताते चलें कि कांग्रेस ने इस टास्क के साथ-साथ प्रशिक्षण अभियान को आगे बढ़ाने के लिए 700 ट्रेनिंग कैंप लगाए जाने की योजना भी बनाई है और इस योजना को नाम दिया गया है ‘पराक्रम महाअभियान’। इस महाअभियान से दो लाख पदाधिकारियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य तय किया गया है। अब देखना यह होगा कि क्या कांग्रेस का यह कदम यूपी चुनावों में वाकई ‘संजीवनी’ का काम करता है या नहीं ?

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