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लाल किताब के अनुसार: Chandrama ko majboot karne ke upay, इस मंत्र के जाप से मिलेगी सुख-समृद्धि!

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कमजोर चंद्रमा के लक्षण और उपाय | Chandrama ko majboot karne ke upay

अक्सर जिंदगीभर लगातार मेहनत करने के बाद भी कई लोगों को वो नहीं मिल पाता है जिसकी उन्हें चाह होती है। अपने में सुख- समृद्धि के लिए इंसान अपनी पुरी जिंदगी लगा देता है लेकिन कुछ कारणों के चलते वह इसमें सफल नहीं होता। आज हम आपको कुछ ऐसे ही कारणों के बारे में बताने जा रहे हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा मन, मां और सुंदरता का कारक ग्रह है। जब कुंडली में चंद्रमा शुभ प्रभाव देता है तो लाइफ में खुशियां, सुख-शांति, मनचाहा लाइफ पार्टनर और मां का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। वहीं अगर वे अशुभ अवस्था में आ जाए तो मेंटल टेंशन, स्ट्रैस, मां को तन-मन से संबंधित परेशानियां और लाइफ में भटकाव बना रहता है। लाख प्रयत्न करने पर भी व्यक्ति के जीवन से स्थिरता कोसों दूर रहती है।

इस आर्टिकल के जरिए हम आपको लाल किताब में चंद्रमा के स्थित होने पर जातक के जीवन में उसके क्‍या प्रभाव दिखाई पड़ते हैं। उसके क्‍या लक्षण हैं। इसके साथ ही हम जानेंगे कि लाल किताब के अनुसार चंद्र के अच्‍छे प्रभावों को कैसे बढ़ाया जाए और खराब प्रभावों को कैसे कम किया जाए। इन उपायों से आपको मानसिक शांति का अनुभव होगा। मन की नकारात्मकता का नाश होगा और सकारात्मक विचारों का समावेश होगा। मां को हर प्रकार का सुख मिलेगा।

ज्योतिष में चन्द्रमा का महत्व

चंद्रमा नौ ग्रहों के क्रम में सूर्य के बाद दूसरा ग्रह है। वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा मन, माता, मानसिक स्थिति, मनोबल, द्रव्य वस्तुओं, यात्रा, सुख-शांति, धन-संपत्ति, रक्त, बाईं आंख, छाती आदि का कारक होता है। चंद्रमा राशियों में कर्क और नक्षत्रों में रोहिणी, हस्त और श्रवण नक्षत्र का स्वामी होता है। इसका आकार ग्रहों में सबसे छोटा है परंतु इसकी गति सबसे तेज़ होती है। चंद्रमा के गोचर की अवधि सबसे कम होती है। यह लगभग सवा दो दिनों में एक राशि से दूसरी राशि में संचरण करता है। चंद्र ग्रह की गति के कारण ही विंशोत्तरी, योगिनी, अष्टोत्तरी दशा आदि चंद्र ग्रह की गति से ही बनती हैं। वहीं वैदिक ज्योतिष शास्त्र में राशिफल को ज्ञात करने के लिए व्यक्ति की चंद्र राशि को आधार माना जाता है। जन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में स्थित होता है वह जातकों की चंद्र राशि कहलाती है।

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कमजोर चंद्रमा के लक्षण kharab chandrama ke lakshan

किसी जातक की कुंडली में कमजोर चंद्रमा पहले व्यक्ति के स्वभाव को कमजोर करता है। अगर चंद्रमा कमजोर होता है, तो व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर परेशान होने लगता है। जल्दी भावुक हो जाता हैं, गलत फैसले लेना कमजोर चंद्र की निशानी है। इस स्थिति में जातक सर्दी खांसी जुकाम से पीड़ित रहता है। ब्लड प्रेशर की तकलीफ शुरू हो जाती है। ऐसे में कमजोर चंद्रमा के कुछ उपाय आपके काम आ सकते हैं, इन्हें करने से व्यक्ति के मन और मस्तिष्क को मजबूती निकलती है।

कुंडली में कमजोर चंद्रमा को मजबूत करने के उपाय Chandrama ko majboot karne ke upay

  • नियमित रूप से बरगद के पेड़ की जड़ में पानी डालें और पूजा करें।
  • ज्योतिष की सलाहनुसार मोती धारण कर सकते हैं।
  • चंद्रमा को मजबूत करने के लिए हाथ में चांदी का कड़ा,अंगूठी, चांदी की चेन या चांदी की पायल भी धारण कर सकते हैं।
  • चंद्रमा मजबूत करने के लिए देर रात तक न जागें। कुंडली में कमजोर चंद्रमा के लोगों को देर रात नहीं जागना चाहिए।
  • पूर्णिमा के दिन शिव जी को खीर या रबड़ी का भोग लगाएं।
  • घर की नींव बनवाते समय उसमें थोड़ा-सा चांदी का टुकड़ा दबाने से चंद्रमा मजबूत होता है।
  • मान्यता है कि चारपाई या जिस पलंग पर आप सोते हैं, उसके चारों पैरों पर चांदी की कीले लगाने से भी लाभ होता है।
  • मातृ पक्ष यानी मां, मामा द्वारा चांदी के बर्तन गिफ्ट में मिलने से लाभ होता है।
  • सफेद चीजों जैसे पानी, दूध और चावल जैसी चीजों का दान करें।
  • सोमवार के दिन बच्चियों को खीर खिलाएं, नौ बच्चियों को खीर खिलाने से चंद्र मजबूत होता है।
  • रात के समय दूध और खीर का सेवन न करें।
  • चांदी का चकोर टुकड़ा अपने पेट या पर्स में रखें।

लाल किताब के अनुसार अशुभ चंद्रमा के लक्षण

ग्रहों के अशुभ प्रभाव के लिए बताए गए सभी उपायों में से लाल किताब में बताए गए उपाय सबसे आसान और असरदार हैं। लाल किताब हमेशा इन उपायों के कारण लोकप्रिय रहा है।

लाल किताब विभिन्न संकेतों या संकेतों की व्याख्या करता है जो एक अशुभ या कमजोर चंद्रमा दिखाता है। चंद्रमा के अशुभ होने पर व्यक्ति में करुणा और सहानुभूति का अभाव होता है। हम बात करेंगे लाल किताब के अनुसार शुभ और अशुभ चंद्रमा के ऐसे ही लक्षण और उपाय के बारे में।

  • लाल किताब के अनुसार अशुभ चंद्रमा के लक्षण
    कमजोर चंद्रमा कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है। चंद्रमा के कमजोर होने पर आपको फेफड़ों की समस्या या मिर्गी की बीमारी हो सकती है।
  • इस अवधि के दौरान आप छोटी-छोटी बातों को लेकर मानसिक रूप से तनावग्रस्त या तनावग्रस्त हो सकते हैं। छोटी-छोटी बातों के बारे में ज्यादा सोचने से बचें।
  • चंद्रमा माता का कारक ग्रह है। इसलिए अशुभ चंद्रमा आपकी मां के लिए स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है।
  • यदि आप बहुत प्रयासों के बाद भी कुछ अच्छी शिक्षा प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं, तो संभव है कि आपकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर हो।
  • पालतू जानवर का खराब स्वास्थ्य भी कमजोर चंद्रमा का संकेत है। इस अवधि के दौरान आपका झुकाव शराब या नशीली दवाओं के प्रति भी हो सकता है।
  • अशुभ चंद्रमा के कारण आपकी संतान को भी परेशानी होती है। ये समस्याएं किसी भी प्रकार की हो सकती हैं।
  • अशुभ चंद्रमा के प्रभाव के कारण आप महिलाओं या अपनी मां का भी अपमान कर सकते हैं।
  • जब आपकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर या अशुभ हो तो कोई दवा आपकी बीमारी में सकारात्मक परिणाम नहीं दे सकती है।

लाल किताब में कमजोर चंद्रमा के लिए उपाय

  • आपको भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए और चंद्रमा को मजबूत करने के लिए उन्हें दूध देना चाहिए। चंद्रमा के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए दूध न बेचें।
  • आपको अपने साथ चावल और चांदी भी रखनी चाहिए। इससे चंद्रमा का अशुभ प्रभाव कम होगा।
  • शुभ फल पाने के लिए आपको 40 रातों तक अपने बिस्तर के पास एक गिलास पानी रखना चाहिए। इस पानी को सुबह किसी फूल के बर्तन में डालें।
  • बड़ों का आदर करना और उनका आशीर्वाद लेना भी शुभ फल देता है।
  • चंद्रमा को मजबूत करने के लिए मोती के साथ चांदी की अंगूठी पहनें। इसे सोमवार से पहनना शुरू करें।
  • आपको अपनी मां का सम्मान और प्यार करना चाहिए। इसके भी अनुकूल परिणाम मिलेंगे।
  • बारिश के पानी को एक बर्तन में इकट्ठा करके अपने घर में रखने से आपका मानसिक तनाव और तनाव दूर हो जाएगा।
  • चांदी का सिक्का घर की नींव में रख दें।
  • सोमवार के दिन बहते पानी में चावल और चीनी के क्रिस्टल को कपड़े में बांधकर रखें।
  • किसी भी नए शुभ कार्य को शुरू करने से पहले आपको हमेशा थोड़ा सा पानी पीना चाहिए।

चंद्र ग्रह को कैसे मजबूत करें और चंद्र ग्रह शांति मंत्र?

लाल किताब के अनुसार चंद्रमा को मन का कारक माना गया है। धर्म शास्त्रों में सूर्य के समान चंद्रमा की भी प्रतिष्ठा मानी गई है। चंद्रमा शुभ फल प्रदान करने वाले ग्रहों में से हैं, इनकी मजबूत या कमजोर स्थिति सीधे व्यक्ति के मन को प्रभावित करती है। चंद्रमा को मजबूत बनाने और मानसिक विकारो को दूर करने के लिए चंद्रमा के मंत्र का जाप करना बहुत शुभफल दायी रहता है।

चंद्रमा को मजबूत बनाने के लिए इस मंत्र का जाप ध्यान लगाकर करना चाहिए। इससे मानसिक शांति का अनुभव होने के साथ आपके आर्थिक और सामाजिक पक्ष को भी बल मिलता है। इस मंत्र के जाप से परिस्थितियों में तालमेल बैठाने के लिए व्यक्ति का मन प्रबल होता है। इसके साथ ही स्मरण शक्ति भी मजबूत होती है।

श्वेतः श्वेताम्बरधरः श्वेताश्वः श्वेतवाहनः।
गदापाणि द्विर्बाहुश्च कर्तव्योः वरदः शशिः।।

  • मंत्र विधि

इस मंत्र को प्रातः ब्रह्म मुहूर्त और प्रदोषकाल में करना चाहिए इससे अधिक लाभ प्राप्त होता है।
इस मंत्र का जाप भगवान शिव की प्रतिमा के समक्ष ध्यान करना श्रेष्ठकर रहता है।

जिस दिन आपको मंत्र जाप करना हो उस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर मंत्र का जाप करें।

यदि प्रतिदिन जाप नहीं कर सकते हैं तो सोमवार का दिन इसके लिए सही रहता है।

  • मंत्र जाप के लाभ

चंद्रमा के इस मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति प्राप्ति होती है जिससे आपको तनाव से छुटकारा मिलता है।

विद्यार्थियों के लिए यह मंत्र बहुत लाभकारी है। जिन विद्यार्थियों की स्मरण शक्ति कमजोर हो उन्हें इस मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे स्मरण शक्ति मजबूत होती है।

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