fbpx

लखीमपुर खीरी केस: यूपी सरकार ने पूर्व न्यायाधीश द्वारा जांच की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट के सुझाव को स्वीकार किया

Must read

सुप्रीम कोर्ट के इस सुझाव पर उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को सहमति जताई कि लखीमपुर खीरी हिंसा में राज्य की एसआईटी की दिन-प्रतिदिन जांच की निगरानी के लिए उसकी पसंद के एक पूर्व न्यायाधीश को नियुक्त किया जाए। आपको बता दें कि इस मामले में चार किसानों सहित आठ लोग मारे गए थे।

राज्य को जांच दल में शामिल करने के लिए, शीर्ष अदालत ने राज्य की सहमति को संज्ञान में लेते हुए मामले में चल रही एसआईटी जांच के लिए आईपीएस अधिकारियों के नाम मांगे, जो यूपी के मूल निवासी ना हो बल्कि यूपी कैडर के हो।

मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि ‘आप कुछ आईपीएस अधिकारियों के नाम क्यों नहीं बताते। हमारा मतलब है सीधे भर्ती हुए आईपीएस अधिकारी के नाम दिये जाए जो यूपी कैडर में हैं औऱ जो उत्तर प्रदेश के मूल निवासी नहीं हो।

वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने पीठ द्वारा पहले दिए गए सुझाव पर एक बयान दिया है कि, “मैंने निर्देश ले लिया है और विशेष की देखरेख के लिए एक पूर्व न्यायाधीश की नियुक्ति पर आपका आधिपत्य आदेश दे सकता है। जांच दल (एसआईटी) जांच कर रही है।

Advertisement

पीठ ने कहा कि पूर्व न्यायाधीश का नाम तय करने के लिए उसे एक दिन चाहिए और वह सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय का न्यायाधीश हो सकता है।

More articles

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

- Advertisement -

Latest article